जामगांव आर । पाटन ब्लॉक के ग्राम पंचायत ओदरागहन में सौर ऊर्जा संयंत्रों की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 12 में लगा सोलर पंप लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसके चलते पूरे वार्ड में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे वार्डों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच कुसुमलता जैन ने बताया कि पूर्व कार्यकाल में गांव में कई सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए थे, जिनकी पांच वर्षों की गारंटी भी बताई गई थी। बावजूद इसके गारंटी अवधि के दौरान न तो विभाग और न ही ठेकेदार ने इनके रखरखाव में कोई रुचि दिखाई। इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग को आधिकारिक शिकायत भी की गई है और कई बार मौखिक रूप से भी ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सरपंच के अनुसार विभाग का कहना है कि ठेकेदार मरम्मत कार्य में रुचि नहीं ले रहा, जिससे विभाग की लाचारी और ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
दो साल से बंद है भाटापारा वार्ड की हाई मास्क लाइट
ग्राम के भाटापारा वार्ड में लगी सोलर हाई मास्क लाइट पिछले दो वर्षों से खराब पड़ी है। पंचायत क्षेत्र में लगाए गए कई सोलर हाई मास्क लाइट भी बंद हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अन्य पंचायतों में भी यही हाल
ओदरागहन ही नहीं, पाटन ब्लॉक की कई अन्य ग्राम पंचायतों में भी सौर संयंत्रों की स्थिति खराब है। ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा और रोशनी के उद्देश्य से लगाए गए सोलर हाई मास्क लाइट अब शोपीस बनकर रह गए हैं। ओदरागहन और आसपास के क्षेत्र में करीब 20 सोलर हाई मास्क लाइटें दो वर्षों से बंद पड़ी हैं। शिकायतों के बावजूद अब तक किसी तकनीकी टीम के मरम्मत के लिए नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सौर संयंत्रों की मरम्मत कर पेयजल और प्रकाश व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।