रानीतराई। ग्राम निपानी में ठाकुर परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कंस वध एवं गोवर्धन लीला का प्रसंग अत्यंत सुंदर और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। कथा श्रवण कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे और पूरे पंडाल में जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण परम योगेश्वर हैं। उन्होंने कंस के अत्याचारों से मथुरा वासियों को मुक्ति दिलाई। कंस द्वारा बुलाए जाने पर श्रीकृष्ण अपने बड़े भाई दाऊजी के साथ मथुरा पहुंचे, जहां उनके दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। मल्ल युद्ध के पश्चात श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर अधर्म का अंत किया।
इसके साथ ही गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि इंद्र को अपनी शक्ति पर अहंकार हो गया था। भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र पूजा छोड़कर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए प्रेरित किया। क्रोधित इंद्र ने ब्रज में मूसलाधार वर्षा कर प्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी, तब भगवान ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सात दिनों तक लोगों की रक्षा की। अंततः इंद्र का घमंड चूर हुआ और उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ।
कथा के दौरान संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु महिलाएं भावविभोर होकर नृत्य करती नजर आईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, सोहन जोशी (मंडल अध्यक्ष), भविष्य जैन (सेक्टर प्रभारी), भेदप्रकाश वर्मा, सत्यनारायण टिकरिहा, मुकेश ठाकुर, संतोष ठाकुर, योगेश ठाकुर, पी.आर. विनायक, ओमप्रकाश, भूपत साहू, जितेंद्र वर्मा, संतोष पटेल, रामलाल देवांगन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।