
कवर्धा, 18 अक्टूबर 2026। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों के बीच कोई अंतर नहीं रह गया है। उन्होंने कवर्धा में 67 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने के दावे पर सूची सार्वजनिक करने की मांग भी की।
निर्वाचन आयोग पर लगाए आरोप
भूपेश बघेल ने कहा कि जब निर्वाचन आयोग से सवाल पूछे जाते हैं, तो जवाब भाजपा की ओर से दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि देश में 13 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 25 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने की बात सामने आई है। इन आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर भी सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए पूछा कि 12 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद इस विषय पर क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
विजय शर्मा के बयान पर पलटवार, 67 हजार नामों की सूची मांगी
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में विधानसभा में इस विषय पर तीन बार सवाल पूछे गए, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। उन्होंने कवर्धा में 67 हजार लोगों के नाम काटे जाने के दावे पर संबंधित सूची सार्वजनिक करने की मांग की। बघेल ने सवाल उठाया कि यदि इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो संबंधित सूची उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
नेवरीगुड़ा में 117 देवी-देवताओं के किए दर्शन
कवर्धा दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने नेवरीगुड़ा में एक ही पंडाल के नीचे स्थापित 117 देवी-देवताओं के दर्शन भी किए। इस दौरान SIR और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे।