
पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, देवस्थलों के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण पर हुई व्यापक चर्चा,197 गांवों के देवस्थलों का होगा राजस्व रिकॉर्ड में पंजीयन, सुरक्षा कैंप बनेंगे सुविधा केंद्र
रायपुर, 27 जून 2026। नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक ली। बैठक में सामाजिक एकता, पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, पारंपरिक देवस्थलों के संरक्षण तथा आदिवासी संस्कृति और विरासत को सहेजने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। समाज प्रमुखों ने भी अपने सुझाव रखे, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लागू करने का भरोसा दिलाया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है तथा बड़े लक्ष्यों की सफलता समाज के सहयोग से ही संभव है। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सल उन्मूलन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां समाज प्रमुखों, सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से आज क्षेत्र में शांति का वातावरण बना है। उन्होंने बताया कि वर्षों से बंद पड़े मेला-मड़ई, हाट-बाजार फिर से आबाद हो रहे हैं और ग्रामीण अब भयमुक्त जीवन का अनुभव कर रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि कुछ बाहरी तत्व बस्तर के विकास को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि बस्तर का विकास स्थानीय युवाओं और स्थानीय संसाधनों के बल पर ही होगा। इसी दिशा में सुरक्षा कैंपों को सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान के सहयोग से स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास कार्य किए जाएंगे।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आदिवासी आस्था के केंद्र देवस्थलों के संरक्षण के लिए 197 गांवों के देवस्थलों का राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन कर स्थायी पंजीयन किया जाएगा। साथ ही पेसा एक्ट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गांव-गांव में स्थानीय युवाओं को पेसा मोबिलाइजर और कोऑर्डिनेटर के रूप में प्रशिक्षित कर नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जेल के भीतर भी पुनर्वास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। पुनर्वासित युवा स्वयं जेल जाकर अन्य युवाओं को हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता और शांति बनाए रखने के लिए सभी समाजों से सहयोग का आह्वान किया।
बैठक में सांसद भोजराज नाग ने ग्राम संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ विकास में समाज और प्रशासन के बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। समाज प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न मुद्दों पर सुझाव दिए, जिन पर सरकार ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। इस अवसर पर राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, विधायक विक्रम उसेंडी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, गोंडवाना समाज के अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग, सर्व आदिवासी समाज के जिला सचिव राजेश भास्कर सहित विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रमुख उपस्थित रहे।