
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल ने संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय एकात्मता को दिया नया आयाम-पांच दिवसीय यात्रा में श्रद्धालुओं ने सोमनाथ धाम की विरासत, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक गौरव का किया अनुभव
रायपुर, 27 जून 2026। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा” सफलता के साथ संपन्न हो गई। पांच दिवसीय इस ऐतिहासिक यात्रा के बाद प्रदेश के सभी जिलों से शामिल 1040 विशिष्टजन सकुशल रायपुर लौटे, जहां रेलवे स्टेशन पर उनका पारंपरिक रीति-रिवाज, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण के साथ आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष, श्रद्धा और आध्यात्मिक आनंद की झलक यात्रा की सफलता का प्रतीक बनी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष यात्रा ने प्रतिभागियों को भारत के प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन का दुर्लभ अवसर प्रदान करने के साथ-साथ देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता का भी सजीव अनुभव कराया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास के साथ-साथ संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय गौरव को भी समान महत्व दे रही है। यात्रा में प्रदेश के पद्मश्री सम्मान प्राप्त विभूतियों, राष्ट्रीय एवं राज्य सम्मानित कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृति कर्मियों, समाजसेवियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्टजनों ने सहभागिता की। इससे छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा संस्कृति विभाग के सुव्यवस्थित प्रबंधन में आयोजित इस यात्रा को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, गुजरात सरकार और सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट का विशेष सहयोग मिला। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ के दर्शन-पूजन के साथ मंदिर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की पावन मिट्टी और नदियों का जल भगवान सोमनाथ को अर्पित कर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने मंदिर के गौरवशाली इतिहास पर आधारित लाइट एंड साउंड शो का भी आनंद लिया। पूरी यात्रा के दौरान आवागमन, आवास, भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा एवं अन्य सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर पर सुनिश्चित की गईं। संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे स्वयं पूरी यात्रा में मौजूद रहे और यात्रियों की सुविधाओं की सतत निगरानी करते रहे। प्रतिभागियों ने यात्रा प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि शासन ने उन्हें परिवार जैसा स्नेह और सम्मान दिया।
यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए कहा कि वर्षों पुरानी सोमनाथ दर्शन की इच्छा शासन की इस निःशुल्क एवं सुव्यवस्थित पहल से पूरी हो सकी। उनके अनुसार यह यात्रा केवल तीर्थ दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति नई ऊर्जा और गर्व का अनुभव भी कराती है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच के अनुरूप आयोजित यह यात्रा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय विरासत से जोड़ने का सफल प्रयास साबित हुई। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में संस्कृति विभाग द्वारा किया गया यह आयोजन सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक अनुकरणीय पहल के रूप में याद किया जाएगा।