
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने दंतेवाड़ा से किया शुभारंभ, आपसी समझौते से समय, धन और न्यायालय का बोझ होगा कम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चेक अनादरण (चेक बाउंस) से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए प्रदेशव्यापी विशेष लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दंतेवाड़ा से वर्चुअल माध्यम से सभी 23 जिलों में इस विशेष लोक अदालत की शुरुआत की।
विशेष लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत दर्ज करीब 7,930 चेक बाउंस प्रकरणों को निराकरण के लिए रखा गया है। इन मामलों का समाधान आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा, जिससे पक्षकारों को त्वरित न्याय मिलने के साथ समय और धन की भी बचत होगी।
उद्घाटन अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि चेक अनादरण से जुड़े मामले समझौता योग्य होते हैं। यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करते हैं तो न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा और नागरिकों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से अधिक से अधिक पुराने मामलों के निराकरण के लिए सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों के आपसी समझौते से निराकरण के विशेष अभियान में भी सभी संबंधित पक्षों से सहयोग करने की अपील की।
इस दौरान न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दंतेवाड़ा जिला न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया, लोक अदालत की कार्यवाही का अवलोकन किया तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत न्यायालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्वागत भाषण में बताया कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में प्रदेश में न्यायिक अधोसंरचना के विकास को नई गति मिली है। दंतेवाड़ा में न्यायाधीशों एवं कर्मचारियों के आवास, न्यायालय परिसर में डाकघर और डिजिटलीकरण केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। वहीं सुकमा और बीजापुर में नए न्यायालय भवन एवं आवास निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है।
कार्यक्रम में दंतेवाड़ा के न्यायाधीश, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वन विभाग के अधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालयीन कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रदेश के सभी जिलों के न्यायाधीश वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन में शामिल हुए। विशेष लोक अदालत को लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और आमजन को सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।