दुर्ग। कऱीफ विपणन वर्ष 2025–26 के लिए दुर्ग जिले में धान खरीदी प्रक्रिया गुरुवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। जिले के सभी 102 उपार्जन केंद्रों में एक साथ खरीदी की गई, जिसमें जिला सहकारी बैंक के अधीन 87 समितियों के माध्यम से 3,922 किसानों से कुल 19,778.72 मैट्रिक टन धान की खरीद हुई। इस वर्ष जिले में 6,16,435 मैट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 1,12,446 किसान पंजीकृत हैं, जबकि जिले का कुल रकबा 1,12,501.33 हेक्टेयर दर्ज है। खरीदी के पहले दिन व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही केंद्रों पर मौजूद रहे।
•पंजीयन न करा पाने वाले किसानों को बड़ी राहत
राज्य शासन ने धान बेचने के लिए पंजीयन और रकबा संशोधन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 नवंबर 2025 कर दी है। अब किसान अपने नजदीकी तहसील कार्यालय में जाकर—नया पंजीयन,रकबा संशोधन दोनों करवा सकेंगे।
सरकार ने किसानों की सहायता के लिए दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जिनके माध्यम से वे पंजीयन संबंधी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
•कलेक्टर की अपील – निर्धारित समय में पूरी करें प्रक्रिया
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे बढ़ाई गई समय-सीमा का लाभ उठाकर जल्द से जल्द पंजीयन पूरा करें, ताकि धान बेचने में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्रों में सुरक्षा, तोल व्यवस्था, परिवहन और भुगतान व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
•कर्मचारी संघ की हड़ताल खत्म, किसानों ने ली राहत की सांस
3 नवंबर से शुरू हुई सरकारी समिति कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब समाप्त हो चुकी है। हड़ताल की वजह से उपार्जन केंद्रों में दस्तावेज़ सत्यापन और खरीदी कार्य प्रभावित हो रहे थे। किसानों ने कहा कि कर्मचारियों के लौटने से खरीद व्यवस्था सामान्य होगी और अब धान बेचने में देरी नहीं होगी।