जामगांव आर । पाटन ब्लॉक के ग्राम केसरा में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में बालयोगी विष्णु अरोड़ा जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत महापुराण की रचना मानव जीवन की उन्नति के लिए की गई है। कथा के दौरान उन्होंने भक्त प्रह्लाद के चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग भक्ति ही मनुष्य को श्रेष्ठ स्थान तक पहुंचाती है। अरोड़ा जी ने कहा कि प्रह्लाद और ध्रुव दोनों में समानता यह थी कि उन्होंने बाल्यकाल से ही भगवान के चरणों में ध्यान लगाया और आगे चलकर उच्च स्थान प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि प्रह्लाद ने ऐसे कुल में जन्म लिया जहां भगवान का नाम लेना भी दंडनीय था, इसके बावजूद उन्होंने अपनी अटूट भक्ति से भगवान नरसिंह के दर्शन किए।
कथा में उन्होंने सहनशीलता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि व्यक्ति धैर्य और विश्वास से ही जीवन में आगे बढ़ता है। प्रह्लाद की माता कयाधु का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि माताओं में इतनी शक्ति होती है कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी संतानों को संस्कारवान बना सकती हैं। वर्तमान समय में युवाओं में सहनशीलता की कमी के कारण अपराध बढ़ रहे हैं, ऐसे में माताओं-बहनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि सच्चे विश्वास से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन रहे।शनिवार सुबह छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोकगायिका मालती निषाद ने अपने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक दयाराम साहू, लालाराम सिन्हा, पूर्व अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. के. ध्रुव (पाटन), नरेश पटेल, द्वारिका यादव, ईश्वर निषाद सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।