दुर्ग। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर बुधवार 18 मार्च 2026 को भोजनावकाश के दौरान जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में कर्मचारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। फेडरेशन के प्रमुख सलाहकार राजेश चटर्जी, जिला संयोजक विजय लहरे तथा मीडिया प्रभारी भानुप्रताप यादव ने बताया कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को देय लाभ समय पर नहीं मिलने से असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित करना, 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान लागू करना, मध्यप्रदेश की तर्ज पर अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस तक करना तथा विभिन्न विभागों में वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करना शामिल है।
इसके अलावा शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर सभी सेवा लाभ देने, सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान प्रदान करने, अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू करने तथा वर्तमान 10 प्रतिशत सीमा समाप्त कर सभी रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी की गई है। फेडरेशन ने पंचायत सचिवों के शासकीयकरण, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति देने, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की अनुमति देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई है।
फेडरेशन पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2017 से 2026 तक प्रदेश के कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ता स्वीकृत नहीं किया गया है। इस मुद्दे को लेकर कई बार राज्य शासन को मांगपत्र सौंपा जा चुका है। फेडरेशन ने महंगाई भत्ता एरियर्स भुगतान के संबंध में बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की है, जिस पर न्यायालय ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च को दोपहर 1:30 बजे भोजनावकाश के दौरान जिले के अधिकारी-कर्मचारी कलेक्टर दुर्ग को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपेंगे, जबकि अनुविभागीय स्तर पर संबंधित एसडीएम को ज्ञापन दिया जाएगा।