रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों को मिलाकर एक नया शहरी विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसे स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) नाम दिया गया है। इस संबंध में विधानसभा से विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद यह परियोजना अब तेजी से अमल में लाई जा रही है। SCR के अंतर्गत रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर यह योजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर विकसित की जाएगी, जिसका उद्देश्य योजनाबद्ध शहरी विकास, नागरिक सुविधाओं का विस्तार और अधोसंरचना का समुचित विकास है। राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे।
इस क्षेत्र में 2031 तक 50 लाख से अधिक की आबादी के रहने की संभावना है। बढ़ती शहरी आबादी और सुविधाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण एक नियामक और समन्वय संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह संस्था भूमि उपयोग, पर्यावरणीय संतुलन, निवेश, आर्थिक योजना और स्थानीय विकास योजनाओं पर कार्य करेगी।
वर्ष 2024-25 के बजट में SCR कार्यालय स्थापना, डीपीआर निर्माण, और रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो सर्वेक्षण के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण में संबंधित विभागों के सचिव, स्थानीय निकाय प्रतिनिधि, चार विधायक एवं चार निर्वाचित सदस्य शामिल होंगे। कार्यपालिका समिति के अध्यक्ष मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे, जिसमें विभागीय अधिकारी, योजनाकार, अभियंता और जिलाधीश सदस्य के रूप में होंगे।
SCR के तहत एक राजधानी क्षेत्र विकास निधि एवं पुनरावृत्ति निधि बनाई जाएगी, जिससे प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा। राज्य सरकार को प्रत्येक वर्ष वार्षिक योजना एवं प्रतिवेदन सौंपा जाएगा। इस योजना से न केवल राजधानी क्षेत्र में शहरी विकास की गति तेज होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, निवेश और परिवहन सुविधाओं के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ एक नया आदर्श मॉडल प्रस्तुत करेगा।