रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गैंगस्टर अमन साव गैंग का करीब सहयोगी सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह को अज़रबैजान से गिरफ्तार कर लिया गया है। रायपुर पुलिस उसे जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लेकर आएगी।
यह वही मयंक है जो जुलाई 2024 में तेलीबांधा स्थित पीआरए ग्रुप दफ्तर फायरिंग केस का प्रमुख आरोपी है। इस गोलीकांड में अमन साव गैंग के शूटरों ने ऑफिस के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस मामले में पुलिस ने पहले ही गैंग के दर्जनभर से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि मयंक देश से बाहर बैठकर गैंग को संचालित कर रहा था और इंटरनेट मीडिया के जरिए धमकियां दे रहा था।
• अमन साव के एनकाउंटर के बाद मयंक बना गैंग ऑपरेटर
मार्च 2025 में रायपुर से झारखंड ले जाते समय गैंगस्टर अमन साव पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। इसके बाद गैंग की कमान मयंक ने संभाल ली। मयंक का संबंध इंटरनेशनल गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई गैंग से भी बताया जाता है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मई 2024 में रायपुर में बड़े हमले की योजना से पहले हरियाणा और झारखंड के शूटर पकड़े गए थे।इसी दौरान मयंक ने ईमेल के जरिए धमकी दी थी— “गैंग में शूटरों की कमी नहीं है, मांग पूरी नहीं हुई तो गोली चलेगी और निशाना नहीं चूकेगा।”