
रायपुर। छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए तीन अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद दो आबकारी उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।
पहला मामला बलौदाबाजार जिले के रोहासी क्षेत्र से जुड़ा है। यहां अधिक कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत मिलने पर आबकारी उप निरीक्षक पी. माधव राव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच में लापरवाही और अनियमितता सामने आने पर दोबारा जांच कराई गई। जांच दल की रिपोर्ट में कई खामियां मिलने के बाद आबकारी आयुक्त ने पी. माधव राव को निलंबित कर रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया है। दूसरी कार्रवाई बालोद जिले के गुरूर क्षेत्र में पदस्थ आबकारी उप निरीक्षक आशा राम शाक्य के खिलाफ की गई है। धमतरी जिले के अर्जुनी क्षेत्र में 30 जुलाई को 53 पेटी शराब जब्त की गई थी। जांच में यह शराब बालोद जिले की सरकारी मदिरा दुकान से संबंधित पाई गई। मामले में विभागीय लापरवाही पाए जाने पर आशा राम शाक्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दुर्ग संभागीय उड़नदस्ता में संबद्ध किया गया है।
इसी प्रकरण में बालोद की सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन की भूमिका भी जांच में सामने आई। वह संबंधित मदिरा दुकान की प्रभारी एवं मंडल प्रभारी थीं। जांच रिपोर्ट में प्रशासनिक लापरवाही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनियमितताओं और लापरवाही के मामलों में आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।