
सात सूत्रीय मांगों पर नहीं बनी सहमति, फेडरेशन ने आंदोलन के तीसरे और निर्णायक चरण का किया ऐलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच सोमवार को हुई अहम बैठक बिना किसी ठोस निष्कर्ष के समाप्त हो गई। फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा सचिव के समक्ष अपनी सात सूत्रीय लंबित मांगों को विस्तार से रखा, लेकिन किसी भी मांग पर सहमति नहीं बनने से संगठन ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। फेडरेशन ने 15 जुलाई को रायपुर में विधानसभा घेराव की घोषणा की है।प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने बताया कि संगठन ने पहले चरण में शिक्षा सचिव से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन सकारात्मक निर्णय नहीं मिलने के बाद अब दूसरे चरण में प्रदेशभर के सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 15 जुलाई को विधानसभा घेराव कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई जाएगी।
फेडरेशन का कहना है कि सरकार ने सहायक शिक्षकों से किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया है। संगठन ने मांग की है कि टीईटी से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पूर्व सेवा का लाभ दिया जाए, एकल शिक्षकीय स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति हो, युक्तियुक्तकरण के दौरान प्रभावित स्कूलों के साथ न्याय किया जाए तथा संगठन की वित्तीय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। फेडरेशन ने प्रदेशभर के जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों सहित सभी सहायक शिक्षकों से 15 जुलाई को रायपुर में आयोजित विधानसभा घेराव में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, प्रदेश संयोजक मनीष मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख, प्रदेश सचिव राजू टंडन, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सिराज बख्श, आदित्य गौरव साहू, रंजीत बनर्जी और विकास कायरकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।