
बेल्हारी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की टेस्टिंग अंतिम चरण में, कुम्हली समेत 19 गांवों को जल्द मिलेगा नल से पानी
जामगांव आर। दक्षिण पाटन क्षेत्र में ग्राम कुम्हली के ग्रामीण इन दिनों भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। गांव में बोरवेल की सुविधा नहीं होने के कारण वर्षों से हेंडपम्प ही पेयजल का प्रमुख स्रोत रहे हैं, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ जलस्तर गिरने से ग्रामीणों को पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है। सीमित संसाधनों के बीच ग्राम पंचायत द्वारा टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन बढ़ती खपत के चलते यह व्यवस्था भी पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। ग्राम पंचायत कुम्हली के उपसरपंच विजय कुमार साहू ने 14 मई 2026 को दुर्ग कलेक्टर को पत्र लिखकर गांव में व्याप्त जल संकट से अवगत कराया था तथा अधूरी नल-जल योजना को शीघ्र पूर्ण कर पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की थी। हालांकि आवेदन दिए जाने के लगभग तीन सप्ताह बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) भी इस मामले में उदासीन बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम कुम्हली की पूरी आबादी वर्तमान में हेंडपम्पों के भरोसे पेयजल प्राप्त कर रही है। जल जीवन मिशन की ग्रुप स्कीम के अंतर्गत गांव में पानी टंकी का निर्माण कराया जा चुका है तथा अधिकांश घरों में नल कनेक्शन भी दिए जा चुके हैं, लेकिन योजना अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इससे करोड़ों रुपये की परियोजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है और ऐसे में प्रशासन को जल्द से जल्द योजना प्रारंभ कर राहत प्रदान करनी चाहिए।
• कुम्हली समेत 19 गांवों को जल्द मिलेगा नल का पानी,
बेल्हारी प्लांट की टेस्टिंग अंतिम चरण में–
विभागीय सूत्रों के अनुसार बेल्हारी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से कुम्हली की पानी टंकी में जल आपूर्ति की जानी है। वर्तमान में योजना की टेस्टिंग प्रक्रिया जारी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ ए. खान ने बताया कि परीक्षण कार्य पूर्ण होते ही कुम्हली सहित योजना में शामिल सभी 19 गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।