
रायपुर, 15 जुलाई। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे हजारों शिक्षकों ने बुधवार को राजधानी रायपुर में अपनी लंबित मांगों को लेकर विशाल ध्यानाकर्षण रैली और प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सात सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राठौर के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शिक्षकों ने शासन पर घोषणा पत्र और ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति, क्रमोन्नति और अन्य लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रदर्शन के बाद फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार अभनपुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वेतन विसंगति दूर करने, क्रमोन्नति का लाभ देने, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप पदोन्नति में वरिष्ठता लागू करने, विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने, शिक्षाकर्मी काल से सेवा गणना, एकल शिक्षकीय स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति, वीएसके ऐप की तकनीकी समस्याओं के समाधान तथा युक्तिकरण से प्रभावित प्रधान पाठकों को स्कूल प्रबंधन समिति में कोषाध्यक्ष का प्रभार देने सहित सात प्रमुख मांगें शामिल हैं।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर लिखित आदेश जारी नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस आंदोलन को सर्व शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ, हेडमास्टर वेलफेयर संघ, जागरूक शिक्षक संगठन, संकुल समन्वयक संघ, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और व्याख्याता शिक्षक संघ सहित कई कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों का समर्थन मिला। प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों शिक्षक शामिल हुए।