पाटन, 27 अक्टूबर 2025 । छत्तीसगढ़ साहू समाज के त्रिवार्षिक संगठनात्मक चुनाव के अंतिम चरण में अब पाटन तहसील साहू संघ का चुनाव चर्चा का केंद्र बन गया है। आगामी 31 अक्टूबर को होने वाले इस चुनाव में पाटन तहसील के 98 इकाई के कुल 1314 मतदाता दो पैनल के बीच पदाधिकारी चुनेंगे । इस चुनाव में सामाजिक एकता पैनल और भक्त माता कर्मा पैनल के मध्य सभी पदों पर सीधा मुकाबला है,जहां अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान अध्यक्ष दिनेश साहू अपने कार्यकाल में किये गए उल्लेखनीय कार्यो को लेकर प्रचार में जुटे है वहीं तहसील के कार्यकारी अध्यक्ष रहे लालेश्वर साहू दक्षिण पाटन को प्राथमिकता देने और बदलाव के मुद्दे को लेकर समाज मे जनसंपर्क में जोरो से जुटे है ।गौरतलब है कि प्रदेश में चल रहे इस त्रिवार्षिक चुनाव के पहले चरण में प्रदेश साहू समाज के अध्यक्ष का चयन सर्वसम्मति से हो चुका है। इसके बाद ग्राम इकाई एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों के चुनाव स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सर्वसम्मति या गुप्त मतदान प्रणाली से सम्पन्न कराए गए। तीसरे चरण में परिक्षेत्रीय अध्यक्षों का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
◆ 31 अक्टूबर को होगा मतदान,इनके बीच है मुकाबला-
तहसील अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों का चुनाव 31 अक्टूबर को किया जाएगा। सामाजिक संगठन के सुदृढ़ीकरण में तहसील स्तर की इकाइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही कारण है कि इस बार पाटन तहसील का चुनाव विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहा है। अन्य पदों में उपाध्यक्ष पद के लिए किशोर साहू एवं डुलेश्वर साहू,महिला उपाध्यक्ष पद पर विमला साहू एवं अंजिता साहू,संगठन सचिव पद के लिए सुरेन्द्र साहू एवं उमेश कुमार साहू तथा संगठन सचिव महिला पद हेतु भुनेश्वरी साहू एवं लीना साहू के मध्य चुनाव होगा ।
◆दक्षिण पाटन से नेतृत्व की मांग पर उभरा नया समीकरण –
जानकारी के अनुसार अब तक तहसील अध्यक्ष का नेतृत्व मुख्यतः उत्तर और मध्य पाटन क्षेत्रों को मिलता रहा है। किंतु इस बार समाज के भीतर यह मांग उठी है कि नेतृत्व की बागडोर दक्षिण पाटन क्षेत्र को दी जाए। इसी के तहत पिछले तीन दशकों से समाजिक गतिविधियों में सक्रिय लालेश्वर साहू की दावेदारी को लेकर जनसमर्थन का माहौल बन गया है। नामांकन दाखिल करने के दिन बड़ी संख्या में उनके समर्थकों की उपस्थिति से यह स्पष्ट हुआ कि इस बार मुकाबला बेहद रोचक और ऐतिहासिक रहने वाला है।
◆ जनसमर्थन से उत्साहित प्रत्याशीगण, समाज में बढ़ी उत्सुकता-
पाटन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में दोनो पैनल के पदाधिकारी लगातार जनसंपर्क में जुटे है। समाज के वरिष्ठजन और कार्यकर्ता इस चुनाव को सौहार्द और एकता का प्रतीक मान रहे हैं। अब निगाहें 31 अक्टूबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि समाज का नेतृत्व किसके हाथों में जाएगा।