जामगांव आर । दक्षिण पाटन क्षेत्र के ग्राम बटरेल, खोला, बोरवाय एवं असोगा में गुरुवार को संत शिरोमणि गुरुघासीदास जी की 269वीं जयंती सतनामी समाज द्वारा श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर 18 दिसंबर को भव्य सतनाम संदेश शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। शोभायात्रा का मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों द्वारा जगह-जगह स्वागत किया गया। पूरे क्षेत्र में सतनाम, सत्य और समता के संदेश के साथ उत्सव का माहौल देखने को मिला।
जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत दुर्ग की सभापति कल्पना नारद साहू शामिल हुईं। उन्होंने ग्राम बटरेल, खोला, बोरवाय एवं असोगा में बाबा गुरु घासीदास जी की पूजा-अर्चना कर समाजजनों को जयंती की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास छत्तीसगढ़ के महान मार्गदर्शक, समाज सुधारक और मानवता के प्रतीक हैं। उनका संदेश “मनखे-मनखे एक समान” आज भी सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता की मजबूत प्रेरणा देता है।
समाजजनों ने बाबा गुरु घासीदास के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, समता और करुणा के मूल्यों पर आधारित रहा। उन्होंने समाज को अंधविश्वास, भेदभाव और असमानता से मुक्त करने का कार्य किया, जो वर्तमान समय में भी उतना ही प्रासंगिक है। सतनामी समाज के युवाओं ने संकल्प लिया कि वे बाबा गुरु घासीदास के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता एवं युवा सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में नारद साहू अध्यक्ष भाजयुमो दक्षिण पाटन, ऐमन आठे सरपंच बटरेल, कमलेश साहू मंडल अध्यक्ष भाजपा जामगांव आर, बी.एल. कौशिक, अजय साहू जनपद सदस्य पाटन, बसंत साहू उपसरपंच, रेवाराम साहू, प्राण साहू, तेजराम, टी.के. पिपरिया, रामदास बंदे, पिंटू जांगड़े, लक्ष्मण कोठारी, पुष्पालता, शांतनु, तुषार कामड़े, ज्ञानेंद्र डहरे, मीनू शर्मा, प्रिया महिपाल सरपंच, जानकी चोपड़िया, रश्मि वर्मा जनपद सदस्य पाटन, रमेश टंडन, भेद वर्मा जनपद सदस्य प्रतिनिधि, अंकेश महिपाल, गुमान साहू, कोवेन्द्र साहू, कमलेश यादव, अभिषेक सेन सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।