रायपुर। राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाला प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को राहत नहीं मिली है। विशेष अदालत ने बुधवार को उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।इसी मामले से जुड़े कोल लेवी घोटाला केस के आरोपी जयचंद कोसले की जमानत याचिका भी अदालत ने नामंजूर कर दी। कोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद ईडी (Enforcement Directorate) और ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing) को अब 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को ईडी ने उनके जन्मदिन के दिन मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि राज्य में हुए कथित शराब घोटाले से अर्जित राशि का उपयोग विभिन्न वित्तीय लेनदेन के माध्यम से काले धन को सफेद करने में किया गया।इससे पहले ईओडब्ल्यू ने 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड में चैतन्य बघेल से गहन पूछताछ की थी। बुधवार को न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की, किन्तु विशेष न्यायाधीश ने इसे अस्वीकार कर न्यायिक अभिरक्षा जारी रखने का आदेश दिया।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब मनी ट्रेल, बैंक खातों, संपत्ति हस्तांतरण एवं संबंधित व्यक्तियों से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच करेंगी। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।