बिलासपुर। देशभर में शक्ति की भक्ति का महापर्व शारदीय नवरात्रि सोमवार से शुरू हो गया है। सुबह से ही देवी मंदिरों और पंडालों में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। रतनपुर महामाया,डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा शहर सहित प्रदेश भर के देवी मंदिरों शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं ने घटस्थापना, कलश स्थापना और ज्योति प्रज्ज्वलन कर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि की कामना की।
◆ महामाया रतनपुर शक्तिपीठ में परंपरा के साथ श्रृंगार
प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया देवी मंदिर रतनपुर में विशेष परंपरा के तहत सोमवार को देवी का श्रृंगार किया गया। अब नवमी तक माता के वस्त्र नहीं बदले जाएंगे। नवमी के दिन विशेष राजश्री श्रृंगार होगा, जिसमें माता को बनारसी साड़ी और सोने के आभूषण धारण कराए जाएंगे। सप्तमी के दिन मंदिर का पट 24 घंटे भक्तों के लिए खुला रहेगा, जबकि अन्य दिनों में आधी रात 12 बजे तक दर्शन किए जा सकेंगे।
◆ नवरात्रि में 9 नहीं, 10 दिन तक रहेंगे अनुष्ठान
इस बार शारदीय नवरात्रि 10 दिनों तक मनाया जाएगा। 22 सितंबर से शुरू हुआ यह पर्व 2 अक्टूबर तक चलेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर पधारी हैं, जो समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
◆ हजारों ज्योति कलश से रोशन हुआ मंदिर परिसर
महामाया मंदिर में भक्तों की ओर से इस बार कुल 31 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं। इनमें 24,800 तेल और 5,000 घृत (घी) की ज्योतियां शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से 1,800 आजीवन ज्योति कलश हैं। मान्यता है कि तांबे का कलश सबसे शुद्ध होता है, इसलिए ज्योति कलश इसी धातु के बर्तनों में स्थापित किए जाते हैं।