शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के साथ शिवमहापुराण कथा का पंचम दिवस सम्पन्न, पं. प्रदीप मिश्रा ‘सीहोर वाले’ की वाणी में गूंजा भक्ति और ब्रह्मज्ञान का स्वर

भिलाई । सिविक सेंटर स्थित जयंती स्टेडियम भिलाई में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा महोत्सव के पंचम दिवस की कथा रविवार को अत्यंत भक्ति, भाव और ब्रह्मज्ञान के दिव्य संगम के साथ संपन्न हुई। प्रसिद्ध कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा ‘सीहोर वाले’ ने शिव विवाह, माता पार्वती की तपस्या और शिव-पार्वती के मिलन जैसे आध्यात्मिक प्रसंगों का गहन और भावनात्मक वर्णन किया। कथा के दौरान पं. मिश्रा जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा —जो अपने अंतःकरण को शुद्ध कर लेता है, वही शिव से जुड़ने योग्य बनता है। शिव विवाह केवल एक घटना नहीं, बल्कि चेतना और चैतन्य का मिलन है। उनकी इन ओजस्वी वाणियों ने श्रोताओं के हृदय को गहराई से स्पर्श किया।

समस्त कथा स्थल पर “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोषों ने ऐसा वातावरण निर्मित किया कि सारा परिसर शिवमय हो उठा।हज़ारों की संख्या में जुटे श्रद्धालु कथा में वर्णित पार्वती की तपस्या, शिव की तपस्थली, शिव के गंभीर स्वरूप और विवाह के दिव्य क्षणों में भावविभोर होकर लीन हो गए। पं मिश्रा ने कहा कि जहाँ शिव कथा होती है, वहाँ केवल श्रवण नहीं, बल्कि आत्मा का जागरण होता है — और जहाँ आत्मा जागती है, वहाँ स्वयं शिव प्रकट होते हैं।

कथा स्थल में हजारों श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, भारी भीड़ के बावजूद शांत, अनुशासित और भक्ति से ओतप्रोत वातावरण रहा । बोल बम आयोजन समिति और प्रशासन द्वारा द्वारा समुचित व्यवस्थाएं रखी जा रही है ।

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