रायपुर, 9 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में बस्तर संभाग में धान खरीदी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर सरकार से कई सवाल पूछते हुए व्यवस्था में गड़बड़ी के आरोप लगाए। वहीं सरकार की ओर से खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में विस्तृत जानकारी दी। प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने पूछा कि बस्तर संभाग में धान खरीदी की शुरुआत कब की गई और कितने किसानों का धान नहीं खरीदा गया। इसके जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग में धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक संचालित की गई।
मंत्री ने बताया कि इस अवधि में बड़ी संख्या में किसानों ने अपना धान बेचा, लेकिन करीब 44 हजार 612 किसानों का धान खरीदी नहीं हो सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में अपना धान ही नहीं लाया, जिसके कारण उनकी खरीदी नहीं हो पाई। मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि सरकार किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने की बात करती है, लेकिन व्यवहार में किसानों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी प्रक्रिया में कई जगह गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कहीं धान में पानी डालने के मामले सामने आ रहे हैं तो कहीं अन्य सामग्री की खरीदी की शिकायतें मिल रही हैं।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी हस्तक्षेप करते हुए सरकार से पूछा कि आखिर कितने किसानों ने धान का समर्पण किया और कितने किसानों ने धान नहीं बेचा।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग में करीब 9 हजार 906 किसानों ने धान नहीं बेचा। इस पर विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को धान बेचने में आ रही समस्याओं की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए और खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।