
डीए, कैशलेस इलाज, 300 दिन अवकाश नगदीकरण, नियमितीकरण और अनुकंपा नियुक्ति सहित प्रमुख मांगों पर जल्द निर्णय की मांग
दुर्ग, 9 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला दुर्ग ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सांसद एवं विधायकों को ज्ञापन सौंपा। विभिन्न जनप्रतिनिधियों के प्रवास के दौरान सौंपे गए इस ज्ञापन में कर्मचारियों के लिए 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) सहित छह सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया।
संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने बताया कि संघ की प्रबंधकारिणी एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों की सहमति से यह ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं को जल्द अमल में लाया जाना चाहिए। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि प्रदेश के लगभग साढ़े चार लाख अधिकारी-कर्मचारियों एवं पेंशनरों को भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का लाभ दिया जाए तथा डीए एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।
संघ ने विधानसभा के बजट सत्र में घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को तत्काल लागू करने, सेवानिवृत्ति पर 240 दिनों के स्थान पर 300 दिनों के अवकाश नगदीकरण की सुविधा देने, संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित करने तथा उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में शिक्षक एल.बी. संवर्ग की सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करते हुए सभी सेवा लाभ प्रदान करने तथा अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
इस अवसर पर राजेश चटर्जी, विजय लहरे, प्रदीप चौहान, शिवदयाल धृतलहरे, सुखेंद्र देवांगन, धर्मेंद्र देशमुख, व्ही.एस. राव, सुरेश साहू, डी.एस. भारद्वाज, पंकज राठौर, राकेश सिंह, अशोक गुप्ता, मोतीराम खिलाड़ी, निर्मला रात्रे, संजय साहू, चतुर यादव, प्रवीण रात्रे, जुवेल लकड़ा, वेदप्रकाश, यशवंत साहू, रविकांत परगनिहा, अनिल दुबे, राहुल सिरमौर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।