बोरीद में गूंजा मानस का अमृत संदेश,जिला स्तरीय तुलसी जयंती समारोह में 8 प्रतिभाओं को मिला ‘तुलसी अलंकरण सम्मान’

बोरीद में गूंजा मानस का अमृत संदेश,जिला स्तरीय तुलसी जयंती समारोह में 8 प्रतिभाओं को मिला ‘तुलसी अलंकरण सम्मान’

जामगांव आर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक एवं लोक परंपराओं को समर्पित जिला स्तरीय तुलसी जयंती समारोह बुधवार को ग्राम बोरिद, पाटन में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में आयोजित हुआ। जिला मानस संघ दुर्ग एवं ग्रामवासी बोरिद के तत्वावधान में आयोजित समारोह का शुभारंभ सरपंच सोनाली राजू वर्मा, जिला मानस संघ के पूर्व अध्यक्ष नीलकंठ ठाकुर, पूर्व सरपंच कोहिनूर चंद्राकर एवं सेवानिवृत्त शिक्षक ईश्वर वर्मा की उपस्थिति में श्रीराम दरबार एवं गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा के पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।सुयश मानस मंडली अरसनारा के मंगलाचरण के बाद मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। नव तुलसी मानस मंडली अमलेश्वर, तुलसी मानस परिवार कुरुद एवं भगवती महिला मानस मंडली ने सस्वर मानस गान की प्रस्तुति देकर वातावरण को राममय बना दिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रसिद्ध भागवताचार्य संत निरंजन महाराज ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी की रामचरितमानस केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला अनुपम ग्रंथ है। इसमें भगवान श्रीराम की मर्यादा, माता सीता का नारी सम्मान, भरत का त्याग और हनुमान जी की भक्ति-समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि मानस को केवल सुनना नहीं, बल्कि उसके आदर्शों को आचरण में उतारना ही सच्ची रामभक्ति है। आज समाज को भौतिक प्रगति के साथ संस्कार और आध्यात्मिक चेतना की भी आवश्यकता है। घर-घर मानस और उसके आदर्शों का पालन होने से परिवार में संस्कार, समाज में सद्भाव और सनातन संस्कृति और अधिक मजबूत होगी। आयोजन में मानस मर्मज्ञ देवलाल दिल्लीवार धमधा, अश्वनी देशमुख दमोदा एवं लेखनी वर्मा पाटन तथा मानस दर्शन के संस्थापक दीपक गुहा ने गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए मानस के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम का संचालन पुनेश्वर साहू, थानूराम देवांगन एवं पीलेश्वर देशमुख ने किया। इस अवसर पर जिला मानस संघ अध्यक्ष मेहत्तर वर्मा, उपाध्यक्ष डालूराम साहू, सचिव अश्वनी साहू, तहसील अध्यक्ष टीकाराम साहू, दुर्ग तहसील अध्यक्ष धनुषलाल यादव, गुवालचंद सिन्हा, कोमल साहू, हेमलाल साहू, मुरलीदास वैष्णव, पं. उमाशंकर शुक्ला, योगेश ठाकुर, हितेंद्र साहू, डॉ. गुलाब साहू, योगेश निर्मलकर, भूपत साहू, नेवेंद्र प्रजापति सहित बड़ी संख्या में मानस प्रेमी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

तुलसीदास जी का योगदान अतुलनीय : विजय बघेल

समापन समारोह के मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने कहा कि जिले के मानस दलों, आयोजन समिति एवं मानस प्रेमियों को एकजुट करने में जिला मानस संघ की भूमिका प्रशंसनीय है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामकृपा से रामचरितमानस को जन-जन के लिए सुलभ बनाया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, रामकथा, मानस परंपरा और लोक संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

रामकथा का निरंतर प्रवाह ही सनातन संस्कृति की शक्ति : जितेंद्र वर्मा

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि तुलसी कृत रामायण कलयुग में भक्ति, संस्कार और सद्मार्ग का सहज साधन है, जहां रामकथा होती है, वहां संस्कार और संस्कृति का पुनर्जागरण होता है। उन्होंने कहा कि पाटन क्षेत्र स्वतंत्रता सेनानियों एवं बुद्धिजीवियों की भूमि रही है, यहां मानस परंपरा का प्रवाह निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। धर्म और संस्कृति की सेवा केवल आयोजन नहीं, बल्कि रामकाज है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है। उन्होंने जिला मानस संघ के प्रयासों की सराहना की। समारोह में भाजपा मंडल अध्यक्ष ज्योति प्रकाश साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मीरा बंछोर, जिला मानस संघ अध्यक्ष मेहत्तर वर्मा, भाजपा महामंत्री दिलीप साहू, केशव बंछोर, सरपंच सोनाली वर्मा एवं उपसरपंच साहेब दास बघेल भी बतौर अतिथि मंचासीन रहे।

जिले की 8 प्रतिभाओं को मिला तुलसी अलंकरण सम्मान

समारोह के दौरान दुर्ग जिले में धर्म, संस्कृति एवं मानस के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आठ कलाकारों एवं मानस प्रेमियों को ‘तुलसी अलंकरण सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रतिभाओं में अरुण कश्यप अखरा (संगीत), कामता प्रसाद साहू कौही (व्याख्या), रोहित साहू झीट (मंच संचालन), थानूराम चंद्राकर छावनी (व्याख्या), कामदेव साहू (संचालन), मनुलाल जंघेल कोहका (संगीत), योगेश कश्यप शिवधाम कोकड़ी तथा मनीष चंद्राकर (उत्कृष्ट मानस आयोजन) शामिल रहे। संत निरंजन महाराज, अतिथियों एवं मानस संघ के पदाधिकारियों ने मंच पर सभी प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समारोह की समापन बेला में प्रसिद्ध पंडवानी कलाकार चेतन देवांगन, पाहंदा ने अपनी लोक एवं पंडवानी शैली की प्रभावी प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में धार्मिक भावधारा के साथ छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का रंग भी बिखेरा और उपस्थित मानस प्रेमियों एवं ग्रामीणों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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