रायपुर, विशेष लेख (डॉ. ओम डहरिया)- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के नीतिगत फैसलों ने राज्य के किसानों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में किसानों को आर्थिक संबल, सम्मान और भविष्य की गारंटी देने वाली योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई हैं।राज्य सरकार ने धान खरीदी, शून्य ब्याज पर कृषि ऋण, सौर सुजला योजना, भूमिहीन मजदूर सहायता, और कृषक उन्नति योजना जैसे कई ठोस कदमों से किसानों को आश्वस्त किया है कि खेती ही राज्य की रीढ़ है। 2023–24 में रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, और किसानों को 32,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 2024–25 में यह आंकड़ा 149.25 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा, और किसानों को 34,500 करोड़ रुपये तत्काल भुगतान मिला। साथ ही बोनस के रूप में 3,716 करोड़ रुपये का वितरण कर राज्य सरकार ने वादा निभाया और किसानों के भरोसे को और मज़बूत किया।
फसल ऋण और राहत योजनाएं:
किसानों को 5 लाख रुपये तक का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जा रहा है। 2024 में 15.21 लाख किसानों को 6,912 करोड़ रुपये ऋण दिए गए, जबकि 2025 में अब तक 5,124 करोड़ रुपये का वितरण हो चुका है।
सिंचाई योजनाएं और बिजली राहत:
सौर सुजला योजना के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पंप लगाए गए हैं, जिससे सिंचाई की सुविधा बेहतर हुई है। इसके अलावा 5 HP तक के कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली आपूर्ति हेतु 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
बजट और समग्र विकास:
कृषि विभाग का बजट 33% बढ़ाकर 13,435 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़, भूमिहीन मजदूरों के लिए 600 करोड़, और बीज उत्पादन, दलहन-तिलहन खरीदी आदि के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
केंद्र से भी सहयोग:
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 26 लाख किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ से 78 लाख मीट्रिक टन चावल केंद्रीय पूल में जमा करने का लक्ष्य तय किया है, जो राज्य की कृषि क्षमता को प्रमाणित करता है।