
पाटन। सावन के तीसरे सोमवार के पावन अवसर पर 17 अगस्त को बोल बम कांवर यात्रा समिति पाटन के संयोजक जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में पाटन से टोलाघाट तक भव्य कांवर यात्रा निकाली गई। लगातार हो रही बारिश और विपरीत मौसम के बावजूद शिवभक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। हजारों श्रद्धालु हाथों में कांवर लेकर “बोल बम, हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में भक्ति, उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। यात्रा का शुभारंभ पाटन के ओग्गर तालाब स्थित भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक के साथ हुआ। इसके बाद बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवर लेकर टोलाघाट के लिए रवाना हुए। बारिश के बीच महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों सहित विभिन्न वर्गों के श्रद्धालुओं का कारवां लगातार आगे बढ़ता रहा। डीजे पर गूंजते शिवभक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का पर्व : जितेन्द्र वर्मा
कांवर यात्रा के संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कांवर यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन, सेवा, श्रद्धा, सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का महापर्व है। उन्होंने कहा कि बारिश शिवभक्तों के उत्साह को रोक नहीं सकी, बल्कि विपरीत मौसम में यात्रा ने श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत किया। हजारों शिवभक्तों द्वारा बारिश में भी यात्रा पूरी करना पाटन क्षेत्र की धार्मिक चेतना और सामूहिक आस्था का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, युवा मंडलों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी बंधुओं, स्वयंसेवकों तथा आयोजन में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बारिश में भी गूंजता रहा हर-हर महादेव
कांवर यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे। बारिश के बीच कांवरियों की लंबी कतार और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जगह-जगह सेवाभावी लोगों द्वारा कांवरियों के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं सेवा कार्य किए गए।
“एक मुट्ठी दान भगवान शंकर के नाम” से महाप्रसाद
टोलाघाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए “एक मुट्ठी दान भगवान शंकर के नाम” अभियान के माध्यम से प्राप्त अन्न सहयोग से महाप्रसाद की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए अन्न एवं सहयोग से तैयार महाप्रसाद का वितरण शिवभक्तों के बीच किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
‘सोनहा बादर’ की प्रस्तुति ने बांधा समां
टोलाघाट में धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रसिद्ध गायक जितेंद्र साहू कृत ‘सोनहा बादर’ की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया।
यात्रा में दुर्ग सांसद विजय बघेल, छत्तीसगढ़ अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त ललित चंद्राकर, साजा के पूर्व विधायक लाभचंद बाफना, डोंगरगढ़ के पूर्व विधायक विनोद खांडेकर, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू, नगर पंचायत पाटन अध्यक्ष योगेश निक्की भाले, मंडल अध्यक्ष रानी केशव बंछोर, ज्योति प्रकाश साहू, कमलेश चंद्राकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, उपाध्यक्ष कमलेश वर्मा, सभापति प्रणव शर्मा सहित जनपद सदस्यगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लालेश्वर साहू, खेमलाल साहू, हर्षा लोकमणि चंद्राकर, रोमनाथ वर्मा, माधव प्रसाद वर्मा, राजेश्वरी वर्मा, दिलीप साहू, राजा पाठक, राजेश चंद्राकर, संदीप बंछोर, आशीष बंछोर, भास्कर वर्मा, नारद साहू, संजू वर्मा, सागर सोनी, केवल देवांगन, निशा सोनी, देवेंद्र ठाकुर, जितेंद्र निर्मलकर, संगीता धुरंधर, अन्नपूर्णा पटेल, बाबा वर्मा, नेहा वर्मा, तृप्ति चंद्राकर, जयश्री राजपूत, संगीता सिंह, विनय चंद्राकर, शीतला ठाकुर, उपासना वैष्णव, सीता साहू, गीता वर्मा, समीर बंछोर, प्रवीण मड़रिया, अजय निर्मल, नोहर साहू, कमलेश साहू, विजय बंछोर, महेश साहू,दामोदर चक्रधारी, नारद सेन, जयप्रकाश साहू, डॉ. सुरेश साहू, राजू निषाद, रागिनी निषाद, प्रेमलाल साहू, इंदिरा साहू, आर.एन. वर्मा, विनोद साहू, घनश्याम सोनी, गिरधर बघेल, मनीष चंद्राकर,रमेश देवांगन, खेमीन साहू, तनुजा साहू, चित्रसेन कलिहारी, रामसिंह बंसोड,फत्ते वर्मा, प्रवीण यदु, चंदू देवांगन, प्रमोद नेमा, प्रमोद बाघ, मदन बढ़ाई, विजय ताम्रकार, रवि सिंगौर, यादमल गोलछा,विनय चंद्राकर, बीरेन्द्र कौशिक, कामता सिंगौर, पुरनेन्द्र सिन्हा,लुभम बंछोर, हलधर महमल्ला,पुष्पेंद्र बंछोर, गोकुल वर्मा, मनोज वर्मा, गुलशन सोनी, राहुल देवांगन, डॉ. श्रवण साहू, राजेंद्र साहू, मिलन देवांगन, कुणाल वर्मा, आर्यन देवांगन, तामेश वर्मा, आकाश यदु, भूपेश साहू, विद्यासागर निषाद सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त मौजूद रहे।
हर-हर महादेव के जयघोष और शिवभक्ति से सराबोर यह कांवर यात्रा पाटन क्षेत्र में आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश छोड़ गई।