दुर्ग । जिले में मनरेगा के तहत रोजगार और मनरेगा मानव दिवस में वृद्धि को लेकर जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में शुक्रवार को जिले के विभिन्न गांवों से आए हजारों ग्रामीण मजदूरों ने झउआ, घमेला, रापा जैसे पारंपरिक श्रम उपकरणों के साथ राजीव भवन से कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकाली। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने मनरेगा के तहत रोजगार चालू करने और काम की गारंटी की मांग की। रैली के दौरान भाजपा कार्यालय के सामने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और कलेक्ट्रेट परिसर में दो घंटे का धरना भी दिया गया।
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राकेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की विष्णुदेव सरकार मिलकर कांग्रेस द्वारा शुरू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने की साजिश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दुर्ग जिले में मनरेगा के तहत 42 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य था, जिसे घटाकर 18 लाख कर दिया गया है। जिले में करीब डेढ़ लाख सक्रिय मजदूरों में से केवल 10 हजार को ही फिलहाल काम मिल रहा है।
ठाकुर ने मांग की कि मानसून के पहले जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य तुरंत शुरू किए जाएं और चालू वित्तीय वर्ष में लक्ष्य बढ़ाकर पुनः 42 लाख मानव दिवस किया जाए।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक अरुण वोरा, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू, धीरज बाकलीवाल, अय्यूब खान, अश्वनी साहू, शमशीर कुरैशी, निर्मला साहू, योगिता चंद्राकर सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा ग्रामीण भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मनरेगा के तहत काम नहीं मिलने से उन्हें रोज़गार की तलाश में अन्य जिलों और राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मनरेगा कार्य शुरू नहीं किए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।