YC न्यूज़ डेस्क– जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना पर प्रख्यात विचारक, लेखक और प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य प्रशांत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आतंकियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “उन्हें याद रखना चाहिए कि यह गीता की धरती है, और अन्याय के विरुद्ध भारत कभी घुटने नहीं टेकता।”
आचार्य प्रशांत ने कहा कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब उसका संहार भी होता है। उन्होंने भगवद् गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे श्रीकृष्ण ने अर्जुन को धर्मयुद्ध के लिए प्रेरित किया था, वैसे ही आज भी गीता का ज्ञान हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। “अगर अर्जुन को गीता का ज्ञान न मिला होता, तो वह युद्ध के लिए खड़े नहीं हो पाते,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद जैसे बर्बर कृत्य चौंकाने वाली बात नहीं हैं, क्योंकि जीवन में हर युग में दुर्योधन और शकुनी जैसे लोग होते हैं। “चौंकाने वाली बात यह है कि हम बिना गीता के, बिना आत्मबल और दिव्यता के इन बुराइयों से लड़ने की सोचते हैं,” आचार्य प्रशांत ने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज भारत को केवल शस्त्र नहीं, बल्कि गीता का बल भी चाहिए। जब तक भारत अपने धर्मग्रंथों को केवल पूजनीय मानता रहेगा और उन्हें समझकर जीएगा नहीं, तब तक अधर्म के खिलाफ लड़ाई अधूरी रहेगी।
“जो गीता को समझ लेता है, वह पराजित नहीं हो सकता,” उन्होंने दोहराते हुए कहा — अब समय आ गया है कि भारत फिर से गीता के मार्ग पर चले और अन्याय का डटकर सामना करे।