रायपुर — छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने 7 मई को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस साल 10वीं में 85 और 12वीं में 19 विद्यार्थियों ने टॉप-10 में जगह बनाई है। लेकिन टॉप करने वाले छात्रों को इस बार वह अनुभव नहीं मिलेगा, जिसका उन्हें बेसब्री से इंतजार था — हेलीकॉप्टर की सैर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि इस बार हेलीकॉप्टर राइड योजना को जारी नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा, “टॉपर्स को सम्मानित किया जाएगा और प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, लेकिन हेलीकॉप्टर राइड के स्थान पर कोई नया और सार्थक विकल्प तलाशा जा रहा है।” यानी अब टॉपर्स को हवाई सैर की जगह किसी अन्य इनाम की उम्मीद करनी होगी।
बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स अभी तक सम्मान समारोह और प्रोत्साहन राशि दोनों के इंतजार में हैं। मार्च 2024 में आयोजित परीक्षाओं में 10वीं के 73 और 12वीं के 23 विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। लेकिन अब तक उन्हें कोई औपचारिक सम्मान नहीं मिला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस बाबत शासन को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है, जिससे अब जल्द किसी निर्णय की उम्मीद की जा रही है।
क्या थी हेलीकॉप्टर राइड योजना?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में शुरू की गई यह योजना राज्य के बोर्ड टॉपर्स को प्रोत्साहित करने की एक अनोखी पहल थी। इसके अंतर्गत जिला टॉपर्स को लगभग 10 मिनट की हेलीकॉप्टर राइड कराई जाती थी। साथ ही उन्हें डेढ़ लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती थी। योजना को छात्रों और अभिभावकों से खूब सराहना मिली थी।
लेकिन 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब नई सरकार इस पर पुनर्विचार कर रही है और मुख्यमंत्री के ताज़ा बयान से संकेत मिलते हैं कि सरकार टॉपर्स को सम्मानित करने का तरीका बदलना चाहती है। अब देखना यह होगा कि सरकार हेलीकॉप्टर राइड की जगह कौन-सा नया और आकर्षक विकल्प लेकर आती है, जिससे मेधावी छात्रों का मनोबल पहले की तरह ऊंचा बना रहे।