
कांकेर के बड़े नक्सल ऑपरेशन का किया था नेतृत्व, बहादुरी के लिए मिला देश का प्रतिष्ठित सम्मान,दोनों अधिकारियों की दोस्ती की मिसाल, पुलिस महकमे में ‘राम-लक्ष्मण’ के नाम से हैं प्रसिद्ध
दुर्ग। दुर्ग-भिलाई के लिए गर्व का क्षण उस समय आया जब क्षेत्र के दो वीर पुलिस अधिकारियों, इंस्पेक्टर लक्ष्मण केंवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर देशमुख को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। दोनों अधिकारियों को यह सम्मान नक्सल प्रभावित क्षेत्र कांकेर में सफलतापूर्वक संचालित एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान में उनके साहस, नेतृत्व क्षमता और अदम्य वीरता के लिए प्रदान किया गया।
लक्ष्मण केंवट और रामेश्वर देशमुख दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के निवासी हैं और पुलिस महकमे में उनकी गहरी मित्रता के कारण उन्हें ‘राम-लक्ष्मण’ के नाम से भी जाना जाता है। दोनों अधिकारियों ने कांकेर में हुए महत्वपूर्ण नक्सल ऑपरेशन का नेतृत्व करते हुए सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता दिलाई थी। उनके नेतृत्व और रणनीति की पूरे प्रदेश में सराहना हुई थी। राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों अधिकारियों को शौर्य चक्र प्रदान किया। एक ही क्षेत्र के दो अधिकारियों को एक साथ इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने पर दुर्ग-भिलाई सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गर्व का माहौल है।
सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने दोनों वीर अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। देश की सुरक्षा और शांति के लिए किए गए उनके साहसिक योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। दोनों अधिकारियों की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवारों, बल्कि पूरे दुर्ग-भिलाई और छत्तीसगढ़ का मान देशभर में बढ़ाया है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की है।