जनपद सभापति रवि सिन्हा ने कहा—स्वस्थ शिशु ही विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव
जामगांव आर। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को महिला एवं बाल विकास परियोजना पाटन अंतर्गत सेक्टर रानीतराई के ग्राम पंचायत निपानी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में ‘अंगना में सेवा’ कार्यक्रम समारोहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती माताओं की गोद भराई एवं छोटे बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। गर्भवती माताओं को पोषण किट प्रदान कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में पौष्टिक आहार की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें अंकुरित अनाज, गाजर, चुकंदर, मूली, खीरा, सलाद तथा रेडी-टू-ईट से तैयार कटवा चकली, नमकीन, ढोकला, लड्डू सहित विभिन्न व्यंजन प्रदर्शित किए गए। उपस्थित सुपोषित बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं मातृ वंदना एवं महतारी वंदन योजना से जुड़ी महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत पोषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
महिला एवं बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक ममता साहू ने सुपोषण के महत्व की जानकारी देते हुए हरी पत्तेदार सब्जियों, फल, दाल, चावल, बड़ी, चना, मूंग, गुड़ एवं मूंगफली आदि के सेवन के फायदे बताए। उन्होंने विभिन्न खाद्य सामग्रियों से तैयार पोषण रंगोली के माध्यम से संतुलित आहार के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, चना, फली और मूंग जैसे खाद्य पदार्थ शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक होते हैं तथा एनीमिया से बचाव, पाचन तंत्र को मजबूत करने और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में उपयोगी हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद सभापति रवि सिन्हा ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आज के स्वस्थ बच्चे ही विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों द्वारा गांव स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश साहू, सरपंच राजेश ठाकुर, प्राधिकृत अध्यक्ष बेनीराम साहू, डॉ. नेमा वर्मा, नारद साहू, महिला एवं बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक ममता साहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोहद्रा सिन्हा, संतोषी पाण्डेय, सरस्वती निषाद, दामिन सिन्हा सहित विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की सहायिकाएं एवं मितानिन उपस्थित रहीं।