नक्सल पीड़ित युवाओं से भी की बातचीत, ‘लियोर ओयना’ योजना को बताया परिवर्तन की मिसाल
रायपुर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को रायपुर में नक्सलियों के IED हमले में शहीद हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आकाश राव गिरेपुंजे के परिजनों से मुलाकात की। यह मुलाकात भावुक माहौल में हुई, जहां शाह ने शहीद के परिवार को ढांढस बंधाया और देश के प्रति उनके बलिदान को नमन किया। अमित शाह ने इस मुलाकात की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा –
“आज नवा रायपुर में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आकाश राव गिरेपुंजे के परिजनों से मुलाकात की। मोदी सरकार 31 मार्च, 2026 तक नक्सलमुक्त भारत बना कर सभी अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।”
नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र का सख्त रुख
शाह की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे जिले लंबे समय से नक्सल हिंसा की चपेट में हैं। केंद्र सरकार ने 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, और इसी क्रम में जमीनी स्तर पर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
‘लियोर ओयना’ योजना के तहत युवाओं से संवाद
नवा रायपुर प्रवास के दौरान गृहमंत्री ने बीजापुर जिले के उसूर और गंगालूर विकासखंड से आए युवाओं से भी संवाद किया। ये युवा छत्तीसगढ़ सरकार की ‘लियोर ओयना’ योजना के तहत रायपुर लाए गए हैं, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है।
शाह ने इस अवसर पर कहा –
जिन मासूम बच्चों के हाथों में कभी नक्सलियों ने बंदूकें थमा दी थी, आज उनके हाथों में किताबें हैं। यह केवल शिक्षा नहीं, बल्कि उनका भविष्य संवारने की दिशा में बड़ा कदम है।”
योजना से बदल रही है सोच
‘लियोर ओयना’ योजना के तहत युवाओं को शहरों में लाकर न केवल शिक्षा और संस्कार दिए जा रहे हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित की जा रही है। शाह ने इन युवाओं को भविष्य का निर्माणकर्ता बताते हुए कहा कि यही युवा आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाएंगे।