रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर रेलवे स्टेशन पर अब राज्य का राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” की मधुर धुन गूंजने लगी है। राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ पर सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से प्रदर्शित करने की मांग के बाद रेलवे प्रशासन ने यह व्यवस्था लागू की है। इस कदम के पीछे उद्देश्य यह है कि प्रदेश में आने वाले यात्रियों को स्टेशन पर उतरते ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और गौरव का अनुभव हो सके। राज्य के सांस्कृतिक प्रतीक इस गीत को सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर बजाए जाने की मांग की गई थी, ताकि राज्योत्सव का उत्साह और छत्तीसगढ़ी पहचान दोनों का प्रसार हो।
रेलवे ने तुरंत लागू की व्यवस्था
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देशन में रेलवे प्रशासन ने मांग को स्वीकार करते हुए तुरंत आदेश जारी किया। अब रायपुर स्टेशन पर हर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान के दौरान “अरपा पैरी के धार” बजता है। इससे स्टेशन परिसर में एक सांस्कृतिक और भावनात्मक माहौल बन रहा है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने इसे छत्तीसगढ़ी अस्मिता और सम्मान का विशेष क्षण बताया है। उनका कहना है कि राज्योत्सव के मौके पर यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रही है।
◆ क्रांति सेना,कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों में खुशी
छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना,सांस्कृतिक संगठनों और स्थानीय कलाकारों ने रेलवे प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ी संस्कृति का सम्मान हुआ है, बल्कि संगीत से जुड़े कलाकारों को भी प्रेरणा मिलेगी। यात्रियों ने स्टेशन परिसर में बजती धुन की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब स्टेशन पर उतरते ही “घर आने जैसा भाव” महसूस होता है।
राज्योत्सव सप्ताह में विशेष पहल, आगे स्थायी व्यवस्था की तैयारी
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला राज्योत्सव सप्ताह को ध्यान में रखते हुए विशेष तौर पर लागू किया गया है। यदि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया बनी रही, तो इसे स्थायी रूप से जारी रखने पर विचार किया जाएगा। राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल है, और रेलवे की इस पहल ने त्योहार की खुशी में एक और सांस्कृतिक रंग जोड़ दिया है।