
बालोद। बालोद जिले के डौंडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भैंसबोड़ में ग्रामीणों ने सामूहिक भागीदारी के जरिए पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए नई मिसाल पेश की है। विशेष अभियान के तहत शनिवार को ग्रामीणों ने सीड बॉल तकनीक का उपयोग करते हुए 3 हजार ट्रेंच में बीजारोपण किया। इस अभिनव प्रयास को जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मानसून को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने पूर्व में जल संरक्षण के उद्देश्य से बनाए गए 3 हजार ट्रेंच का प्रभावी उपयोग किया। ट्रेंच के आसपास सीड बॉल डालकर बीजारोपण किया गया, जिससे बारिश के दौरान बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले सकेंगे और क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी।
जिला प्रशासन के अनुसार यह वैज्ञानिक और सामुदायिक पहल भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भूजल स्तर सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान जिले के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायी मॉडल बन सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक के.आर. साहू ने बताया कि सीड बॉल तकनीक प्राकृतिक परिस्थितियों में पौधों के बेहतर विकास के लिए प्रभावी मानी जाती है। इससे वर्षा के दौरान बीज आसानी से अंकुरित होंगे और क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने के साथ जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
जिला कलेक्टर Divya Mishra तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने ग्रामीणों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन और जिला पंचायत के विशेष अभियान में भैंसबोड़ के ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तकनीक का विस्तार अन्य स्थानों पर भी किया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सके। ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल को स्थानीय स्तर पर प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र में हरियाली और जल उपलब्धता दोनों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।