डिटेंशन सेंटर नहीं, रायपुर में बनेगा 100 सीटर बोर्डिंग सेंटर : गृह मंत्री विजय शर्मा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन का माहौल खासा गरमा गया। प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण सूचना, और शून्यकाल के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सदन में एक ओर जहां जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के मुद्दे पर भी जोरदार बहस हुई।
बांग्लादेशी घुसपैठियों पर गरमाया सदन, डिटेंशन सेंटर की मांग
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर, धरमजीत सिंह और भावना बोहरा ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से राज्य में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के मसले को सदन में उठाया। विधायक अजय चंद्राकर ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 5 हजार घुसपैठिए मौजूद हैं, जो सरकारी दस्तावेज जैसे आधार, राशन कार्ड और पासपोर्ट बनवाकर योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनकी मदद सरकारी सिस्टम से जुड़े लोग ही कर रहे हैं और डिटेंशन सेंटर की आवश्यकता बताई। धरमजीत सिंह ने रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान सुनिश्चित करने की मांग रखी, जबकि भावना बोहरा ने दस्तावेजों की जांच कराने की जरूरत बताई।
गृह मंत्री विजय शर्मा का जवाब: डिपोर्ट की तैयारी
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कुछ जिलों में एफआईआर दर्ज की गई है और टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। उन्होंने डिटेंशन सेंटर के बजाय 100 सीटर बोर्डिंग सेंटर रायपुर में बनाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जो भी चिन्हित घुसपैठिए होंगे, उन्हें बोर्डिंग सेंटर में रखा जाएगा और फिर BSF के माध्यम से उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा। शर्मा ने जानकारी दी कि—अब तक सभी चिन्हित घुसपैठिए बांग्लादेशी पाए गए हैं।रोहिंग्या घुसपैठ की पुष्टि नहीं हुई है। हर जिले में स्कैनिंग की जाएगी, और इस पूरे मामले की जांच हेतु टास्क फोर्स गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि रायपुर में एक कांग्रेसी पार्षद द्वारा बांग्लादेशी नागरिक के दस्तावेज बनवाए गए, जिसके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
महामाया पहाड़ी और सीमापार घुसपैठ का मुद्दा
अजय चंद्राकर ने सदन में सवाल उठाया कि 4 राज्यों की सीमाएं पार कर घुसपैठिए छत्तीसगढ़ तक कैसे पहुंचे? उन्होंने महामाया पहाड़ी पर अतिक्रमण की बात उठाई और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के पुराने पत्र का हवाला दिया। गृहमंत्री ने जवाब में कहा कि एसटीएफ का गठन किया गया है और एम-आधार एप से संदिग्धों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस मामले में अब तक 19 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
जल जीवन मिशन पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस
प्रश्नकाल के दौरान जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर भी तीखी बहस देखने को मिली।
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर और कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के बीच इस दौरान आपसी नोकझोंक हो गई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों विधायक आपस में भिड़ गए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा—सदन की मर्यादा बनाए रखें। पूरा देश छत्तीसगढ़ की कार्यवाही देखता है। पक्ष-विपक्ष आसंदी की गरिमा का पालन करें। प्रश्नकाल में हंगामा अनुचित है।
शून्यकाल में अवैध रेत खनन पर विपक्ष का वॉकआउट
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अवैध रेत खनन का मुद्दा जोरशोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि रेत खनन माफिया पुलिस और माइनिंग अफसरों की देखरेख में काम कर रहे हैं और खदानों में गोली चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि रेत माफिया सरकार को जेब में रखकर नदियों को लूट रहे हैं। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि खनन अधिकारियों का कहना है कि हमें ऊपर से आदेश है कि इन्हें न पकड़ें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को अमान्य घोषित किया, जिसके विरोध में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।