
बस्तर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले के करंदोला गांव में एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामला उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब मृतिका के परिजन गांव से लगे रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में शव दफनाने की तैयारी करने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और जंगल क्षेत्र में दफनाने का विरोध शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक मृतिका की पहचान रूत कुर्रे के रूप में हुई है, जिन्होंने कुछ समय पहले धर्म परिवर्तन किया था। महिला की मौत के बाद परिजन ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करना चाहते थे। इसके लिए गांव के पास स्थित जंगल क्षेत्र को चुना गया था। ग्रामीणों का कहना था कि रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में शव दफनाना नियमों के खिलाफ है और इससे भविष्य में विवाद की स्थिति बन सकती है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी धर्म विशेष को लेकर नहीं, बल्कि संरक्षित वन भूमि में दफनाने को लेकर था।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और माहौल तनावपूर्ण बन गया। सूचना मिलने पर भानपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस एवं प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और काफी देर तक बातचीत का दौर चलता रहा।आखिरकार प्रशासन की मौजूदगी में सहमति बनी कि शव को जगदलपुर के करकापाल स्थित कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। इसके बाद विवाद शांत हुआ और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते हस्तक्षेप किए जाने से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और संवेदनशील मामलों में कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।