
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में चल रही अंदरूनी बयानबाजी के बीच वरिष्ठ नेता T. S. Singh Deo और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij की फोन पर बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। वायरल वीडियो में दोनों नेताओं के बीच हालिया बयानों को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में चर्चा होती दिखाई दे रही है। वीडियो में टीएस सिंहदेव मुस्कुराते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि, “कोई बात नहीं, लगा रहता है। मीडिया वाले मेरे पास बैठे थे तो मैंने भी कहा कि दीपक बैज खूब मेहनत करें, प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें, शुभकामनाएं हैं। अपना काम करते रहना है, कल को क्या होगा किसे पता, मजा लेते रहना चाहिए।” बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच माहौल सहज नजर आया, लेकिन कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर चल रही चर्चाओं ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
इधर, कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर भाजपा ने भी निशाना साधा है। कृषि मंत्री Ramvichar Netam ने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई अब सार्वजनिक हो चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, “सिंहदेव को प्रदेश के कुछ नेता पचा नहीं पा रहे हैं और सिंहदेव भी कुछ नेताओं को नहीं पचा पा रहे। ऊपर कुछ न कुछ खिचड़ी जरूर पक रही है।” नेताम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछली सरकार में टीएस सिंहदेव का उपयोग तो किया, लेकिन उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस “यूज एंड थ्रो” की राजनीति करती रही है। दरअसल, पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब टीएस सिंहदेव ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है तो वे उसे निभाने के लिए तैयार हैं। इसके जवाब में दीपक बैज ने कहा था कि सिंहदेव वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें दिल्ली में रहकर काम करना चाहिए, जबकि प्रदेश में युवाओं को अवसर मिलना चाहिए।
इस पर पलटवार करते हुए सिंहदेव ने कहा था कि वे आज भी खुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करते हैं और छत्तीसगढ़ में सक्रिय राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि हर कांग्रेसी की पहली जिम्मेदारी संगठन को मजबूत करना है। सिंहदेव ने यह भी कहा था कि वे लगातार प्रदेशभर में लोगों से मिल रहे हैं और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि नेताओं के प्रदर्शन का आकलन चुनावी नतीजों से भी होना चाहिए, क्योंकि हार-जीत राजनीति का हिस्सा है।