जामगांव आर। भीषण गर्मी के बीच ग्राम पंचायत बेल्हारी में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि पंचायत में संचालित स्थल जल प्रदाय योजना के दोनों बोरवेल पूरी तरह सूख चुके हैं। वर्तमान में ग्रामीणों को एक किसान के निजी बोरवेल के सहारे जैसे-तैसे पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जो जरूरत के मुकाबले बेहद कम है। ग्रामीणों के अनुसार, हर साल अप्रैल-मई के महीनों में यहां पेयजल की समस्या विकराल रूप ले लेती है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इस स्थिति की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायत बेल्हारी के उपसरपंच मनीष चंद्राकर ने विभाग के कार्यपालन अभियंता एवं एसडीओ को पत्र लिखकर तत्काल नए बोर उत्खनन की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि ग्राम में निर्मित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जाए।
• प्लांट तैयार, पानी का इंतजार जारी**
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ के तहत समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत बेल्हारी में 19 गांवों के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है, जो अब लगभग पूर्ण हो चुका है और फिलहाल उसकी टेस्टिंग जारी है। इस योजना के तहत खारून नदी के जल को शुद्ध कर 19 गांवों में सप्लाई किया जाना है। ग्राम पंचायत पदाधिकारियों के मुताबिक जब कई पंचायतें प्लांट के लिए जमीन देने से पीछे हट रही थीं, तब बेल्हारी ने भविष्य की जरूरत को देखते हुए इसके लिए स्थान उपलब्ध कराया था।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब प्लांट तैयार है, तो आखिर बेल्हारी समेत अन्य गांवों को इसका लाभ कब तक मिलेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र पहल कर जल संकट से राहत दिलाने की मांग की है।