मानसून की दस्तक से पहले बदला मौसम का मिजाज, रायपुर 42.6 डिग्री पर तपाया; बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी-अगले 48 घंटे अहम

मानसून की दस्तक से पहले बदला मौसम का मिजाज, रायपुर 42.6 डिग्री पर तपाया; बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी-अगले 48 घंटे अहम

प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की संभावना,सरगुजा-बस्तर में बारिश से मिली राहत, छत्तीसगढ़ में जल्द मानसून प्रवेश के संकेत

रायपुर, 9 जून 2026। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन से पहले मौसम का स्वरूप तेजी से बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं, जबकि राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को रायपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं माना एयरपोर्ट में न्यूनतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के साथ रात में भी गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही है।

मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। विभाग ने खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक बनी द्रोणिका (ट्रफ लाइन) और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण बादल बनने और वर्षा गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है।

मौसम विभाग का मानना है कि आगामी तीन से चार दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। यदि वर्तमान मौसमी सिस्टम सक्रिय बने रहे तो प्रदेश में मानसून का प्रवेश निर्धारित समय के आसपास या उससे पहले भी हो सकता है।

इधर सरगुजा और बस्तर संभाग के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिली है। हालांकि मैदानी क्षेत्रों में गर्मी और उमस का असर अभी भी बरकरार है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। प्रदेशभर में अब लोगों की निगाहें मानसून की अगली चाल पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिल सकती है।

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