सीएम और मुख्य सचिव को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने लिखा पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवकों के लिए पिछले तीन वर्षों से स्थानांतरण पर लगा प्रतिबंध अब परेशानी का सबब बनता जा रहा है। सरकार की ओर से तीन साल से तबादलों पर रोक तो जारी है, लेकिन अब तक नई स्थानांतरण नीति भी लागू नहीं की गई है। इससे प्रदेश के हजारों शासकीय कर्मचारी और अधिकारी असमंजस और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजा है और आग्रह किया है कि जल्द से जल्द नई स्थानांतरण नीति लागू की जाए। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि 2022 में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नई स्थानांतरण नीति का संकेत जरूर दिया गया था, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
फेडरेशन ने खासतौर पर पति-पत्नी दोनों के अलग-अलग जगहों पर पदस्थ होने की समस्या को उठाया है। उनका कहना है कि एक स्पष्ट नीति के अभाव में ऐसे कर्मचारी दांपत्य जीवन और पारिवारिक संतुलन से वंचित हो रहे हैं। फेडरेशन ने यह भी मांग की कि वर्तमान नीति में गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए ताकि वे बेहतर इलाज और पारिवारिक सहयोग पा सकें। फेडरेशन ने सुझाव दिया है कि नीति में हार्ट सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट, कैंसर और अपंगता जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर स्थानांतरण की सुविधा दी जाए।
पत्र में बताया गया है कि पूर्व में लागू स्थानांतरण नीति में इन बिंदुओं पर सहूलियत दी जाती थी, लेकिन वर्तमान में नीति का अभाव कर्मचारियों के लिए भारी मानसिक तनाव का कारण बन रहा है।