कुर्सी गई तो पीड़ा बढ़ी, पर क्या स्कूलों को अब असली मालिक मिल गए हैं ? शाला विकास समितियों से नेताओं की विदाई पर एक संपादकीय दृष्टि

मनीष चंद्राकर @ YC न्यूज़ डेस्क। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शाला विकास समितियों (एसएमडीसी) को समाप्त कर…

क्या बच्चों की सेहत से बड़ा है शिक्षा विभाग का कैलेंडर ? भीषण गर्मी में स्कूल खोलने की जल्दबाजी किसलिए ? सरकार आगे बढ़ाए शिक्षा सत्र

संपादकीय लेख -मनीष चंद्राकर,YC न्यूज़ डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र के संचालन का आदेश…

राजन महाराज: एक संत, एक चेतना, एक विरासत

तपस्या की वह विरासत, जो आज भी समाज को दिशा दे रही है संपादकीय लेख -मनीष…

जनप्रतिनिधि बनाम नौकरशाही : आखिर किसके हाथ में सत्ता? विधायक का गुस्सा नहीं, व्यवस्था का आईना है यह घटना

मनीष चंद्राकर -संपादकीय YC न्यूज़ डेस्क। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता की आवाज़ होते हैं और अधिकारी…

हिंदी पत्रकारिता दिवस : कलम, संघर्ष और कॉपी-पेस्ट के दौर में पत्रकारिता की तलाश..

(मनीष चंद्राकर -संपादकीय )YC न्यूज़ डेस्क। एक सच्चा पत्रकार केवल समाचार नहीं लिखता, वह अपने समय…

“रामभद्राचार्य पर टिप्पणी से छिड़ी बहस : क्या संतों को भी दलों में बांटना चाहती है राजनीति ? कांग्रेस की ‘सेलेक्टिव सेक्युलर’ राजनीति पर बड़ा सवाल…

संपादकीय -मनीष चंद्राकर /YC न्यूज़ डेस्क। भारतीय राजनीति में विचारों का संघर्ष नया नहीं है, लेकिन…

गुमनाम विशेषज्ञ, पश्चिमी फंडिंग और भारत की रैंकिंग… कितना निष्पक्ष है प्रेस फ्रीडम इंडेक्स ?

प्रेस स्वतंत्रता की आड़ में नैरेटिव की राजनीति–संपादकीय मनोज श्रीवास्तव YC न्यूज़ डेस्क। दुनिया में किसी…

भारत का युवा कॉकरोच नहीं, भविष्य का निर्माता है !कॉकरोच राजनीति बनाम राष्ट्रनिर्माण- भारत के युवाओं के सामने असली चुनौती

(संपादकीय-मनीष चंद्राकर )YC न्यूज़ डेस्क। भारत इस समय एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ…

मोदी, मीडिया और नॉर्वे विवाद: सवाल पत्रकार का या राजनीतिक नजरिये का..आखिर सच किसके चश्मे से दिखता है?

मनीष चंद्राकर @YC न्यूज़ डेस्क। भारत और नॉर्वे के बीच हालिया मीडिया विवाद ने एक बार…

एक थाना, दो तस्वीरें… क्या कानून का चेहरा भी बदल जाता है ?

मनीष चंद्राकर -संपादकीय /रायपुर। तस्वीरें कभी-कभी शब्दों से ज्यादा सशक्त होती हैं। अंबिकापुर कोतवाली से सामने…